ऑनलाइन राशनकार्ड आवेदन की अनिवार्यता खत्म, ग्रामीण इलाके में वार्ड सदस्य/ मुखिया के माध्यम से और शहरी इलाके में वार्ड पार्षद के माध्यम से करें आवेदन.

ऑनलाइन राशनकार्ड आवेदन की अनिवार्यता खत्म, ग्रामीण इलाके में वार्ड सदस्य/ मुखिया के माध्यम से और शहरी इलाके में वार्ड पार्षद के माध्यम से करें आवेदन.



ऑनलाइन राशनकार्ड आवेदन की अनिवार्यता खत्म, ग्रामीण इलाके में वार्ड सदस्य/ मुखिया के माध्यम से और शहरी इलाके में वार्ड पार्षद के माध्यम से करें आवेदन.
कोरोना लॉकडाउन में बगैर राशनकार्ड वाले जरूरतमंदों के लिए राशन को लेकर हाईकोर्ट में आम आदमी पार्टी के प्रदेश सचिव राजन कुमार सिंह के जनहित याचिका में एक माँग को सरकार ने मान कर शपथ पत्र दाखिल किया है। राशन और राशन कार्ड के लिए अनिवार्य ऑनलाइन प्रक्रिया को खत्म कर अब ऑफलाइन माध्यम की भी शुरुआत हो गयी है।ग्रामीण इलाके में वार्ड सदस्य/ मुखिया के माध्यम से और शहरी इलाके में वार्ड पार्षद के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
लोकडाउन के समय ऐसी समाचार मिलने से काफी लोगों को राहत मिलेगी काफी लोगों को झंझट से मुक्ति मिलेगी क्योंकि इंटरनेट आजकल सभी गांव में आसानी से उपलब्ध नहीं होती है। हर समय नेटवर्क नहीं होता है।



राजन सिंह ने कहा कि हर पंचायत , हर गाँव और हर वार्ड में ये बात पहुँचानी चहिये। ज्ञात हो कि जब (ऑनलाइन राशनकार्ड आवेदन की अनिवार्यता खत्म,)लॉकडाउन में राज्य के सभी प्रज्ञा केंद्र बन्द थे , ग्रामीण इलाके में इंटरनेट की वैसे भी इतनी दिक्कत होती है और गरीबों के पास एंड्राइड फ़ोन नहीं होते, तब भी सरकार ने राशन और राशनकार्ड के लिए सिर्फ आवेदन का ही प्रावधान रखा था।
साथ ही सरकार ने शपथ पत्र के माध्यम से बताया कि जिन्होंने ऑनलाइन राशन कार्ड के लिए आवेदन दिया था पर उन्हें राशन कार्ड नहीं मिला, वे आवेदन के वक्त जिस डीलर का नाम भरे थे, उसी डीलर के यहाँ उन्हें सरकार की ओर से राशन मिल जाएगा।



उन्होंने कहा कि यह एक छोटी जीत है। पर सरकार से सबको राशन दिलाने की लड़ाई अभी लंबी चलेगी।
हाई कोर्ट में मामले की सुनवाई पूरी हो चुकी है। कोर्ट ने फैसला रिज़र्व रखा है।

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