लॉक डाउन लोगों को ऐसे दिन दिखा रहा है जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं होगी

 लॉकडाउन लोगों को ऐसे दिन दिखा रहा है जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं होगी



राँची: कोरोना वायरस को लेकर लगा लॉक डाउन लोगों को ऐसे दिन दिखा रहा है जिसकी कल्पना तक किसी ने नहीं होगी। गरीब, बेबसी और भुखमरी लोगों से क्या कुछ नहीं करवा रही है। राजधानी में एक गरीब दंपति द्वारा अपने नवजात बच्ची को बेचने का मामला सामने आया है। करीब एक महीने के बच्ची को 30 हजार रुपये में बेचने की बात सामने आ रही है, हालांकि बच्ची के माता-पिता गरीबी से तंग आकर अपनी बच्ची को एक नि:संतान दंपति को सौंपने की बात कह रहे हैं।
आज बच्ची को कब्जे में लेगी CWC
इसकी जानकारी बाल कल्याण समिति और पुलिस को मिली है। जिसके बाद सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष रूपा वर्मा ने कहा कि शुक्रवार को बच्ची को रेस्क्यू कर सीडब्ल्यूसी अपने कब्जे में लेगी। खरीद-बिक्री की पुष्टि होने पर एफआइआर भी दर्ज किया जा सकता है। खरीद बिक्री नहीं होने पर एडॉप्शन प्रक्रिया की जांच की जाएगी।
दंपति की पहले से थी तीन बेटियां
जानकारी के अनुसार नामकुम प्रखंड के पुराना हुलहुंडू में रहने वाले प्रेमसुख बोदरा की तीन बेटियां पहले से थी। 28 दिन पहले उसकी चौथी बेटी हुई। गरीबी की वजह से बेटियों का लालन-पालन में परेशानी का हवाला देकर उसने अपनी नवजात बच्ची को नामकुम के सामलौंग गिरजा कोचा निवासी एलेक्जेंडर खलखो को सौंप दिया है।
पड़ोसी बिचौलिये की भूमिका संदिग्ध
हालांकि प्रारंभिक जांच में सीडब्ल्यूसी और पुलिस को 30 हजार में बच्ची का सौदा किए जाने की बात पता चली है। बच्ची को बेचने में एक पड़ोसी बिचौलिए की भूमिका भी सामने आ रही है। सीडब्ल्यूसी ने इसकी छानबीन शुरू कर दी है।

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