दुनिया का पहला मोबाइल फोन

दुनिया का पहला मोबाइल फोन


दुनिया के पहले मोबाइल फोन का निर्माण मार्टिन कूपर नामक एक अमेरिकी इंजीनियर ने किया था, जिसे उन्होंने 3 अप्रैल, 1973 को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया था.

मोबाइल का आविष्कार डॉ मार्टिन कूपर ने किया था | उन्होंने यह मोबाइल 1970 में बनाया था | जिसे बनाने के लिए उन्हें पुरस्कार भी मिला था |आज इसी व्यक्ति के कारण हम मोबाइल यूज कर रहे हैं | मार्टिन कूपर ने मोटोरोला कंपनी ज्वाइन की और 1970 में मार्टिन कूपर ने फर्स्ट मोबाइल बनाया । मार्टिन कूपर ने 1970 में मोबाइल बनाने के बाद 1983 में पहला मोबाइल मोटोरोला कंपनी ने मार्केट में लॉन्च किया |

उसके बाद से आज तक मोबाइल का यूज पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है | आज घर के हर व्यक्ति के पास आपको मोबाइल देखने को मिलेगा |1992 में मोबाइल पर इंटरनेट भी आ गया | इसके कारण आज सभी लोग मोबाइल फोन पर इंटरनेट का यूज कर रहे हैं |

पहला मोबाइल फ़ोन Motorola का 1973 में John F. Mitchell और Martin Cooper ने दिखाया था जिसका वजन 2 किलो था  .
Motorola का DynaTAC 8000x Model व्यावसायिक रूप से 1983 में उपयोग  किया गया था
  • 1979 में पहला Automated Cellular Network जापान में शुरू किया था
    ये First-Generation (1G) System था जिसकी मदद से एक बार में कई लोगो आपस में कॉल कर सकते थे
  • पहला सिम कार्ड 1991 में Munich Smart Card Maker Giesecke & Devrient ने Finnish Wireless Network Operator के लिए बनाया था
  • 1991 में 2G टेक्नोलॉजी Finland में Radiolinja ने शुरू की
    और उसके पूरे 10 साल बाद 2001 में आया 3G  जो  जापान की कंपनी NTT DoCoMo ने शुरू किया था
  • 1983 से 2014 तक लगभग 700 करोड़ Mobile Phone का उपयोग किया गया
  • 2014 की सबसे ज्यादा फ़ोन बनाने वाली कंपनी Samsung, Nokia, Apple और LG थी
  • 2014 में दुनिआ के 25% मोबाइल अकेला सैमसंग फ़ोन ने बनाये थे  13% Mobile Nokia ने बनाये थे

 Mobile का इतिहास एक नजर में




 चालीस साल पहले तीन अप्रैल 1973 को मोटोरोला के इंजीनियर मार्टिन कूपर ने अपनी प्रतिद्वंदी कंपनी के एक कर्मचारी को फ़ोन कर मोबाइल फ़ोन पर बातचीत की शुरुआत की थी.
 इसके क़रीब 10 साल बाद मोटोरोला ने पहला मोबाइल हैंडसेट बाजार में उतारा था. इसकी क़ीमत थी क़रीब दो लाख रुपये.
 आज दुनिया में इसके क़रीब साढ़े छह अरब उपभोक्ता हैं.
 मोटोरोला के पहले हैंडसेट का नाम था, डायना टीएसी. इसकी बैट्री को एक बार रिचार्ज कर क़रीब 35 मिनट तक बातचीत की जा सकती थी.
 डायना टीएसी को बाज़ार में उतारने से पहले उसका वजन क़रीब 794 ग्राम तक कम किया गया. इसके बाद भी यह इतना भारी था कि इसकी चोट से किसी की जान जा सकती थी.
 हास्य कलाकार एरिन वाइज ने 1985 में सेंट कैथरीन बंदरगाह से वोडाफ़ोन के दफ्तर फोन कर ब्रिटेन में मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल की शुरुआत की.
 ओ2 के नाम से मशहूर सेलनेट ने 1985 में अपनी सेवा शुरू करके वोडाफोन का एकाधिकार तो़ड़ दिया. वोडाफ़ोन को दस लाख ग्राहक बनाने में नौ साल का समय लगा. वहीं सेलनेट ने केवल डेढ़ साल में ही अगले दस लाख ग्राहक जोड़ लिए.
 फ्रांसीसी व्यवसायी फ़िलिप ख़ान ने 11 जून 1997 को अपनी नवजात बेटी सोफ़ी की फोटो लेकर कैमरे वाले मोबाइल फ़ोन की शुरुआत की.
 भारत सहित कई दूसरे देशों ने पिछले कुछ सालों में गाड़ी चलाते समय मोबाइल फ़ोन पर बात करने पर प्रतिबंधित लगा दिया है.
 एरिजोना के एक प्रतिष्ठान ने सितंबर 2007 में कुत्तों के लिए मोबाइल फ़ोन बाज़ार में उतारा. क़रीब 25 हज़ार रुपये की क़ीमत वाला यह फ़ोन जीपीएस सैटेलाइट सुविधा से लैस था.
 साल 1993 में आयोजित वायरलेस वर्ल्ड कांफ्रेंस में आईबीएम सिमान नाम का पहला स्मार्टफ़ोन पेश किया गया. इसमें शुरुआती दौर की टचस्क्रीन लगी हुई थी. यह ईमेल, इलेक्ट्रिक पेजर, कैलेंडर, कैलकुलेटर और ऐड्रेस बुक के रूप में काम करता था.

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