कालमेघा कलयुग में एक चमत्कारी औषधि है। इसके पांच चामत्कार

कालमेघा कलयुग में एक चमत्कारी औषधि है। इसके पांच चामत्कार




कालमेघ एक बहुवर्षीय शाक जातीय औषधीय पौधा है। इसका वैज्ञानिक नाम एंडोग्रेफिस पैनिकुलाटा है। कालमेघ की पत्तियों में कालमेघीन नामक उपक्षार पाया जाता है, जिसका औषधीय महत्व है। यह पौधा भारत एवं श्रीलंका का मूल निवासी है तथा दक्षिण एशिया में व्यापक रूप से इसकी खेती की जाती है।

कालमेघ जंगलों में मिलने वाला औषधीय पौधा है। यह पौधा वर्षा ऋतु में काफी मात्रा में पाया जाता है। यह पौधा एक से दो फुट ऊंचा होता है और उसके फूल छोटे और हल्के नीले रंग के होते है। इसके पत्तों में सुंगधित तेल होता है जो मलेरिया, विभिन्न प्रकार के चर्म रोग, जॉन्डिस और अन्य लीवर जैसे रोगों काे दूर करने में किया जाता है। आइए जानते है इसके फायदे

अन्य भाषाओं में कालमेघ के नाम (Name of Kalmegh in Different Languages)

कालमेघ का वानस्पतिक नाम  Andrographis paniculata (Burm. f.)  एन्ड्रोग्रैफिस पेनीकुलेटा (Nees, Syn-Andrographis paniculata var. glandulosa Trimen), है, और यह एकेन्थेसी (Acanthaceae) कुल से है। इसे इन नामों से भी जाना जाता हैः-
Kalmegh in –
  • Hindi- कालमेघ, कालनाथ, महातिक्त
  • Sanskrit- भूनिम्ब, कालमेघ
  • English (nilavembu in english)- कॉमन एन्ड्रोग्रैफिस (Common andrographis), करीयत (Kariyat), क्रीएट (Creat), किंग ऑफ बिटर (King of bitter); ग्रीन चिरेता (Green Chiretta)
  • Kannada- नेलबेवीनगीडा (Nelabevinagida), क्रीएता (Kreata)
  • Gujarati- लिलु (Lilu), करियातु (Kariyatu), ओलीकिरियत (Olikiriyat)
  • Tamil- नीलवेम्बु (Nilavembu), पीतउम्बे (Pitumbe)
  • Telugu- नेलवमु (Nelavamu), नीलावीनू (Nilavinu)
  • Bengali- कालमेघ (Kalmegh), महातीता (Mahatita)
  • Nepali- कालानाथ (Kalanath), तिक्ता (Tikta)
  • Malayalam- नेलवेप्पु (Nelaveppu), किरियता (Kiriyata), किरीयट्टु (Kiriyattu)
  • Marathi- ओलेनकिरायत (Olenkirayat)
  • Arabic- क्वासाबुज्जारिराह (Qasabuzzarirah), क्वासाभुवा (Qasabhuva)
  • Persian- नेनेहेवण्डी (Nainehavandi)

1. कॉमन कोल्ड से बचने के लिए

कॉमन कोल्ड की समस्या से बचने के लिए भी कालमेघ का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। वैज्ञानिकों के द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार यह बताया गया कि कालमेघ का उपयोग कॉमन कोल्ड से बचने के लिए किया जा सकता है । हालांकि, यह किस प्रकार कॉमन कोल्ड की समस्या को ठीक करता है, इस पर अभी अधिक वैज्ञानिक प्रमाण की आवश्यकता है।

2. वायरल संक्रमण में

वायरल संक्रमण से बचने के लिए कालमेघ का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, कालमेघ में एंटी-वायरल गुण पाए जाते हैं, जो वायरल संक्रमण को रोकने में सहायता करता है। इसके लिए डॉक्टरी परामर्श पर कालमेघ का अर्क लिया जा सकता है 

3. लीवर को स्वस्थ रखने के लिए

लीवर का स्वास्थ्य संतुलन बनाए रखने के लिए भी कालमेघ के फायदे देखे जा सकते हैं। इसके लिए कालमेघ की पत्तियों के अर्क का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, कालमेघ की पत्तियों में हेपटोप्रोटेक्टिव  गुण पाए जाते हैं। इसके अर्क का सेवन लीवर और रीनल डैमेज (Renal Damage – किडनी डैमेज) से सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है 

4. घाव भरने के लिए

कालमेघ को एक चिकित्सकीय गुणों वाले पौधे की श्रेणी में गिना जाता है । इसके अतिरिक्त  एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार यह बताया गया कि कालमेघ के अर्क का सेवन करके घाव को ठीक किया जा सकता है  हालांकि, यह घाव को किस प्रकार ठीक करता है, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

5. अपच की समस्या में

अगर आप अपच की समस्या से परेशान हैं, तो इस समस्या का हल भी आपको कालमेघ के जरिए मिल सकता है। कालमेघ में ऐसे विशेष गुण पाए जाते हैं, जो अपच की समस्या को दूर कर सकते हैं । हालांकि, वैज्ञानिकों के द्वारा अभी भी अध्ययन किया जा रहा है कि यह किस प्रकार अपच की समस्या को दूर करने में मदद करता है।

नोट किसी भी औषधि का सेवन किसी वैद्य किसी चिकित्सक के कहने अनुसार है करें

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