झारखंड,भाइयों ने इज़रायल मॉडल द्वारा फूलों की खेती से बजाया कामयाबी

झारखंड के दो भाइयों ने इज़रायल मॉडल द्वारा फूलों की खेती से बजाया कामयाबी का डंका


झारखंड के किसान प्रीतम कुमार और प्रिस कुमार ने फूल की खेती और मधुमक्खीपालन के द्वारा अपनी कामयाबी का डंका बजाया है। वह दोनों भाई गोड्डा सदर प्रखंड के गंगटा फंसिया के रहने वाले हैं। ये दोनों ही बलभद्र किसान क्लब एवं कृषि उत्पादन संगठन के निदेशक भी हैं। ये फूलों की खेती और मधुमक्खी पालन के जरिए खेती का एक विशेष मॉडल प्रस्तुत कर रहे है। आज उनके द्वारा उगाए फूल को खरीदने दूर-दूर से लोग खुद चले आ रहे हैं। इन भाइयों के निकट के देवघर, बांका और भागलपुर के फूल व्यापारी रोज फूल खरीदते हैं। प्रीतम जहां फूल की खेती से पचास हजार रुपए तक आमदनी हासिल कर रहे हैं तो वहीं उनके भाई प्रिस शहद के द्वारा हर दो महीने के अंतराल पर तीस हजार रुपए तक कमाई कर लेते हैं। गोड्डा के कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जिले में अब दूसरे किसानों को भी इसी प्रकार खेती से अतिरिक्त आमदनी कमाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इज़रायल प्रशिक्षण ने दिलाई कामयाबी-
दरअसल प्रीतम को झारखंड सरकार द्वारा कृषि वानिकी के प्रशिक्षण के लिए इज़रायल भेजा गया था। इस भेजे गए दल में रांची के किसान श्याम सुंदर भी शामिल थे जिनसे प्रीतम को फूल की खेती के बारे में जानकारी मिली। और इज़रायल से वह लौटकर आए तो उन्होंने अपने भाई की जमीन पर फूल की खेती करने का मन बनाया।
ग्रीन हाउस में फूल की खेती करने के लिए उन्होंने उद्यान विभाग से पचास फीसदी की सब्सिडी प्राप्त कर ली। आज वह सौ वर्गमीटर वाले क्षेत्र में फूल की खेती कर रहे हैं। वह मल्चिंग विधि से खेती करते हैं।
आज प्रीतम दूसरे किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन गए हैं। उनके खेती के मॉडल को देखने के लिए दूर-दूर से किसान उनके फार्म हाउस का भ्रमण करते हैं। मौजूदा समय में प्रीतम ने फूल की खेती के अंतर्गत एक हैक्टेयर का रकबा कर लिया है। जिसमें वह सूक्ष्म सिंचाई पद्धति ( ड्रिप इरीगेशन ) को अपनाते हुए अनार, अमरूद और केला की खेती कर रहे हैं।

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